ओमिक्रॉन भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन के चरण में पहुँचा

इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोम कंसोर्शियम (INSACOG) के अनुसार, भारत में कोविड-19 का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन अब कम्युनिटी ट्रांसमिशन के चरण में पहुँच गया है.
ऐसे में अब कोविड मरीज़ों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है और उन्हें आईसीयू बेड की भी ज़रूरत पड़ रही है. हालाँकि ओमिक्रॉन के ज़्यादातर मामले हल्के और बिना लक्षण वाले हैं.
जीनोम कंसोर्शियम के अनुसार, ''ओमिक्रॉन कई महानगरों में तेज़ी से फैल रहा है. ओमिक्रॉन के ख़तरे में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है.''
 कम्युनिटी ट्रांसमिशन का मतलब होता है कि एक संक्रमित व्यक्ति को पता नहीं होता है कि वह किसके संपर्क में आने से संक्रमित हुआ. मतलब कोरोना वायरस बस्तियों, शहरों और समुदायों के बीच मौजूद है. ऐसे में संक्रमण चेन को तोड़ना मुश्किल होता है और संक्रमण तेज़ी से बढ़ता है.
कम्युनिटी ट्रांसमिशन का मतलब है कि वायरस समुदायों के बीच पहुँच गया है और वह किसी को भी संक्रमित कर सकता है. उसे भी जिसने हाल-फ़िलहाल में कोई यात्रा नहीं की और न ही संक्रमित इलाक़े या व्यक्ति के संपर्क में आया था. इसका मतलब यह हुआ कि देश या समुदाय के भीतर सभी लोग संक्रमित हो सकते हैं.