Expert Interview

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की

भारत ने अब तक का सबसे तेज और सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया है: डॉ जितेंद्र सिंह
भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन- डब्ल्यू.एच.ओ. की वर्तमान मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने आज केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान; राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर बातचीत की।
डॉ. सौम्या एक प्रख्यात चिकित्सा विशेषज्ञ औ ...
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 विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की



कोविड वैक्सीन बढ़ते भ्रूण और नवजात को जानलेवा संक्रमण से बचाएगी

कोरोना वायरस बच्चों को ज्यादा प्रभावित करेंगी या अधिक घातक होंगी, ये सभी अटकलें हैं- डॉ. प्रवीण कुमार
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली के शिशु रोग विभाग के निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार ने बच्चों पर कोविड-19 के प्रभाव, उनकी सुरक्षा की आवश्यकता और गर्भवती महिलाओं व स्तनपान कराने वाली माताओं को टीका लगवाने सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की।
महामारी ने बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित किया है?
महामारी का बच्चों के मानसिक और ...
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कोविड वैक्सीन बढ़ते भ्रूण और नवजात को जानलेवा संक्रमण से बचाएगी



मौजूदा वैक्सीन डेल्टा वैरियंट पर कारगर: डॉ. एन के अरोड़ा

अल्फा वैरियंट से बी.1.617.2 डेल्टा वैरियंट 40-60 प्रतिशत अधिक संक्रामक

आईसीएमआर द्वारा किये गये अध्ययन के अनुसार मौजूदा वैक्सीन डेल्टा वैरियंट पर कारगर”
“ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीके लगने और कोविड उपयुक्त व्यवहार के कड़े अनुपालन से महामारी की भावी लहरों को नियंत्रित और टाला जा सकता है”
यह कहना कठिन है कि डेल्टा वैरियंट के कारण होने वाली बीमारी ज्यादा गंभीर होती हैः डॉ. एन के अरोड़ा
हाल के एक साक्षात्कार में इंडियन सार्स-कोव-2 जेनो ...
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मौजूदा वैक्सीन डेल्टा वैरियंट पर कारगर: डॉ. एन के अरोड़ा
Caption: डॉ. एन के अरोड़ा, सह-अध्यक्ष आईएनएसएसीओजी


भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) के बारे में प्रश्नोत्तर

प्रश्न- आईएनएसएसीओजी (इंसाकॉग) क्या है?
उत्तर- भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकॉग) 30 दिसंबर 2020 को भारत सरकार द्वारा स्थापित जीनोम सीक्वेंसिंग प्रयोगशालाओं (आरजीएसएल) का एक राष्ट्रीय बहु-एजेंसी कंसोर्टियम है। शुरुआत में इस कंसोर्टियम में 10 प्रयोगशालाएं शामिल थीं। बाद में इंसाकॉग के तहत प्रयोगशालाओं के दायरे का विस्तार किया गया और वर्तमान में इस कंसोर्टियम के तहत 28 प्रयोगशालाएं हैं, जो सार्स-कोव-2 में हुई जीनोमिक विविधताओं की निगरानी करती हैं।
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भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) के बारे में प्रश्नोत्तर



मेरी मां ने मुझे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया: डॉ मीना

डॉ जेएल मीणा राष्ट्रीय स्वास्थ्य, प्राधिकरण-आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) में संयुक्त निदेशक (जेडी) हैं, जो अस्पताल नेटवर्किंग और गुणवत्ता आश्वासन जैसी विशेष परियोजनाओं पर काम कर रही है। प्रियंका शर्मा को दिए एक विशेष साक्षात्कार में, डॉ मीणा ने बताया कि उनकी मां ने उन्हें भारत में स्वास्थ्य सेवा में गुणवत्ता के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। उनका उद्देश्य सभी को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना और भारत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मे ...
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मेरी मां ने मुझे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया: डॉ मीना
Caption:डॉ जेएल मीणा राष्ट्रीय स्वास्थ्य, प्राधिकरण-आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना


कोविड-19 वैक्सीन से प्रजनन क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं

“भारत में जल्द कम से कम छह प्रकार की कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध हो जायेंगी, हमें आशा है कि एक महीने में 30-35 करोड़ खुराकें मिलना शुरू हो जायेंगी और हम एक दिन में एक करोड़ लोगों को टीका लगाने में सक्षम हो जायेंगे”
कोविड-19 कार्य समूह के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोड़ा द्वारा कोविड-19 टीकाकरण पर सामान्य प्रश्नों के जवाब
हमें जल्द ही जायडस कैडिला की दुनिया की पहली डीएनए-प्लासमिड वैक्सीन मिल जायेगी, जो भारत-निर्मित है। हमें जो अन्य वैक्सीनें जल्द मि ...
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कोविड-19 वैक्सीन से प्रजनन क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं



तेज टीकाकरण ही कुंजी है अर्थव्यवस्था को खोलने और सामान्य दिनों की तरफ लौटने कीः डॉ. वीके पॉल

एक दिन में एक करोड़ लोगों को टीका लगाने का लक्ष्यः डॉ. एनके अरोड़ा
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने बताया है कि कोविड टीकाकरण के संशोधित दिशा-निर्देश लागू होने के बाद, पहले दिन ही वैक्सीन की लगभग 89 लाख खुराकें लगाई गईं।
बड़े पैमाने पर टीकाकरण करने की भारत की क्षमता का संकेत
दूरदर्शन से बात करते हुये डॉ. पॉल ने कहा कि पहले दिन के टीकाकरण के आंकड़े यह साबित करते हैं कि तमाम दिनों और सप्ताहों तक लगातार बड़े पैमाने पर टीकाकरण करने ...
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तेज टीकाकरण ही कुंजी है अर्थव्यवस्था को खोलने और सामान्य दिनों की तरफ लौटने कीः डॉ. वीके पॉल



कोविशील्ड की खुराकों के बीच अंतराल बढ़ाने का निर्णय पारदर्शी और वैज्ञानिक सबूतों पर आधारित– एनटीएजीआई अध्यक्ष डॉ. एन के अरोड़ा

“निर्णय पर एनटीएजीआई सदस्यों में कोई मतभेद नहीं”
 “भारत के पास अन्य वैज्ञानिक सबूतों पर गौर करने की ठोस प्रणाली मौजूद”

निर्णय वैज्ञानिक आधार पर, स्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व: डॉ. एन के अरोड़ा
कोविड-19 वर्किंग ग्रुप ऑफ दी नेशनल टेक्नीकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाईजेशन (एनटीएजीआई) यानी राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी परामर्श समूह के अध्यक्ष डॉ. एन के अरोड़ा ने भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान पर दूरदर्शन के साथ बातचीत की ...
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कोविशील्ड की खुराकों के बीच अंतराल बढ़ाने का निर्णय पारदर्शी और वैज्ञानिक सबूतों पर आधारित– एनटीएजीआई अध्यक्ष डॉ. एन के अरोड़ा



पोस्ट-कोविड-19 सिंड्रोम क्या है?

ठीक होने के 3-6 महीने बाद तक मरीजों को कोविड बाद के लक्षणों का अनुभव हो सकता है, घबराएं नहीं, चिकित्सक से जांच करवाएं: पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. निखिल बंते
कोविड ठीक होने के बाद में शरीर को फिर से बनाने के लिए प्रोटीन, सब्जियां, फाइटो-पोषक तत्व तथा पर्याप्त पानी का सेवन करें

यदि हमारा भोजन शरीर के अनुरूप नहीं है, तो यह हमारे मूड को भी खराब करता है, जो कोविड के बाद की अवधि में मनोवैज्ञानिक लक्षणों का एक कारण है
बीमारी के इलाज के बाद क्या नेगेटिव रिपोर्ट आ जाने पर को ...
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पोस्ट-कोविड-19 सिंड्रोम क्या है?



कोविड-19 टीकाकरण पर सवाल जवाब

क्या एलर्जी वाले लोगों को टीका लगाया जा सकता है?
क्या गर्भवती महिलाएं कोविड 19 का टीका लगवा सकती हैं? स्तनपान कराने वाली माताएं भी लगवा सकती हैं?
क्या टीका लगवाने के बाद मुझमें पर्याप्त एंटीबॉडी बन जाती हैं?
क्या वैक्सीन का इंजेक्शन लगने के बाद रक्त का थक्का बनना सामान्य है?
अगर मुझे कोविड संक्रमण हो गया है, तो कितने दिनों के बाद मैं टीका लगवा सकता हूं?

ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो कोविड टीकाकरण के बारे में लोग अक्सर उठाते हैं। डॉ. वी के पॉल, सदस्य (स् ...
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कोविड-19 टीकाकरण पर सवाल जवाब



पीआईबी की वेबिनार डॉक्टरों ने म्यूकोरमाइकोसिस और उससे बचाव पर प्रकाश डाला

म्यूकोरमाइकोसिस कम प्रतिरोधकता, मधुमेह से पीड़ित लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है”

पत्र सूचना कार्यालय द्वारा ‘म्यूकोरमाइकोसिस और दंत स्वास्थ्य का कोविड-19 से संबंध’ विषय पर आज आयोजित एक वेबिनार में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, डॉ. राजीव जयादेवन ने कहा, हमें कोविड-19 के कुछ मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामले देखने को मिल रहे हैं। वेबिनार की दूसरी पेनलिस्ट विशेषज्ञ डॉ. नीता राणा थीं। वेबिनार में डॉक्टरों से मिली सलाह और जानकारी को बिंदुवार तरीके से नीचे ...
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पीआईबी की वेबिनार  डॉक्टरों ने म्यूकोरमाइकोसिस और उससे बचाव पर प्रकाश डाला



कोविड-19 बच्चों के लिए जरूरी देखभाल और अवसंरचना में कोई कमी नहीं : सदस्य, नीति आयोग

​​​​​​​2-3 प्रतिशत संक्रमित बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है : डॉ. वी. के. पॉल
देश की तैयारी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बच्चों में कोविड-19 संक्रमण की समीक्षा और महामारी पर नए सिरे से विचार करने के लिए एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह का गठन किया गया है। इस समूह ने ऐसे संकेतों का परीक्षण किया है, जो 4-5 महीने पहले तक उपलब्ध नहीं थे। इसने उपलब्ध डाटा, रोग संबंधी रूपरेखा, देश के अनुभव, रोग की गतिशीलता, वायरस की प्रकृति व महामारी पर भी विचार किया है और द ...
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कोविड-19 बच्चों के लिए जरूरी देखभाल और अवसंरचना में कोई कमी नहीं  : सदस्य, नीति आयोग



क्या मैं अभी टीका लगवा सकता हूँ?

डॉक्टर, मैं कोविड-19 की जांच में पॉजिटिव आया हूँ, क्या मैं अभी टीका लगवा सकता हूँ? 

नहीं रजत, कोविड से ठीक होने के कम से कम तीन महीने बाद ही तुम्हें टीका लगवाना चाहिए।

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क्या मैं अभी टीका लगवा सकता हूँ?



गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है मोटापा: डॉ अमित जावेद

मोटापा अब पश्चिमी देशों की समस्या नहीं है, भारत भी दुनिया के शीर्ष पांच सर्वाधिक मोटे देशों के क्लब में शामिल हो गया है, मेट्रो शहरों में इसके मामले अधिक देखे जा रहे हैं
भारत में मोटापे के मामले विश्व औसत से अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। फऱवरी 2020 में एक  शोध लेख के अनुसार, 1998 और 2015 के बीच मोटापे के कुल मामले 2.2 प्रतिशत से बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गए हैं। इसके बढ़ते मामलों के कारण गैर-संचारी (नान कम्युनिकेबल) रोगों का बोझ भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।  लैंसेट में प्रकाशित एक अध्य ...
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गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है मोटापा: डॉ अमित जावेद